नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 10 से ज़्यादा सेंट्रल ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों ने 12 फरवरी को पूरे देश में भारत बंद का आह्वान किया है। हालांकि, यूनियनों का दावा है कि इस आम हड़ताल में 30 करोड़ से ज़्यादा मज़दूर शामिल होंगे, जिससे देश के कई हिस्सों में आम ज़िंदगी पर असर पड़ सकता है।
बैंक, ट्रांसपोर्ट और सरकारी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यूनाइटेड ट्रेड यूनियन फोरम के मुताबिक, इस बार हड़ताल का असर 600 से ज़्यादा ज़िलों में देखने को मिल सकता है। इससे पहले जुलाई 2025 में हुई हड़ताल में करीब 25 करोड़ मज़दूर शामिल हुए थे।
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| 12 फरवरी को भारत बंद |
बैंक, परिवहन और सरकारी सेवाओं पर पड़ सकता है असर
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की जनरल सेक्रेटरी अमरजीत कौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार पहले से कहीं ज़्यादा लोग शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मज़दूर विरोधी, किसान विरोधी और प्रोलेतारीफ हैं। यूनियनों ने बताया कि इस भारत बंद को किसान संगठनों, खेती-बाड़ी मज़दूर यूनियनों, स्टूडेंट संगठनों और युवा संगठनों का भी सपोर्ट मिला है।
भारत बंद के बाद सबसे बड़ा असर किस पर पड़ेगा
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
- बस, ऑटो, टैक्सी जैसी परिवहन सेवाएं
- औद्योगिक इकाइयां
- कुछ सरकारी कार्यालय
- कृषि मंडियों में कामकाज
12 फरवरी को भारत बंद के दौरान कौन सी सर्विस चालू रहेंगी ?
12 फरवरी को भारत बंद के दौरान कौन ये सभी सेवाएं रहेंगी चालू- अस्पताल और एंबुलेंस सेवाएं
- पुलिस, फायर ब्रिगेड
- दवा दुकानें
- बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाएं
हालांकि, एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ़ किया है कि ज़रूरी सर्विस में कोई रुकावट नहीं आएगी। लोगों से कहा गया है कि वे यात्रा और बैंकिंग से जुड़े काम पहले ही निपटा लें। Champaranexpress.in पर नज़र रखें।
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